दबे हुए ख्याल से जी रहा हूँ।
क्या सच है- क्या है झूठ
इसी सवाल के जवाब में जी रहा हूँ।
:)
बिंदास बेमिशाल सा जी रहा हूँ।
क्या सच है- क्या है झूठ
इसी सवाल के जवाब में जी रहा हूँ।
:)
राजा हूँ रण-ए-जेहन का
हर एक लम्हा सलाम से जी रहा हूँ।
बनते कलाम से जी रहा हूँ।
:)
वो जाम हर शाम पी रहा हूँ.
जो देते है सौक से दोस्ती का दिलासा
मलहम वही दूकान से सरेआम खरीद रहा हूँ.
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दबे हुए ख्याल से जी रहा हूँ।
क्या सच है- क्या है झूठ
इसी सवाल के जवाब में जी रहा हूँ।
:)
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