शनिवार, 21 जनवरी 2017

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार इंसान को क्या बना देते है.

काम क्रोध लोभ मोह अहंकार इंसान को क्या बना देते है। इनपर हावी होना और इन्हें वश में करना वाक्य में ही काफी मुश्किल है। लेकिन क्रोध में हम क्या कर जाए इसका किसी को कुछ ज्ञात नहीं होता। सिबाय पछतावे के और वर्तमान अवस्था भी शायद यही है। लेकिन कभी व्यक्ति विशेष को लेकर कभी कुछ नहीं कहा फिर क्यों हमे ही खुद के कहे अल्फ़ाज़ों पर क्रोध आता है। हाँ थोड़े ज्यादा ही हम आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल करते है तो शायद ऐसा होता है. वो भी हमारे कर्म के लिहाज़ से - वैसे भी हमने किसी के नम्रता भरे अल्फ़ाज़ों के सिबा क्या लेना है। जब हम आये इस जग में - जग हँसा हम रोये रोये।। ऐसी करनी कर चलूँ -हमारे पीछे जग रोये।।

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