ब्यान नहीं कर सकता हूँ
भावनाएं क्या है ?
जान ही नहीं भर सकता हूँ ||
भावनाएं क्या है ?
एहसास ही बन सकता हूँ
बार- बार व्यक्त नहीं कर सकता हूँ ||
दिल में क्या है
दिमाग से जंग कर सकता हूँ ||
मोहताज़ नहीं हूँ जिंदगी का
सांसों से भी जंग कर सकता हूँ ||
भीगी नहीं है पलके अभी तक
गला भी गले तक ही भर सकता हूँ ||
आह भी निकलती नहीं है अब
दिल की दरारों में मिर्ची भर सकता हूँ ||
बहुत देखे हैं चहरे चाहने वाले
आइना भी खुद ही खुदी का बन सकता हूँ ||
बजूद क्या है जनता हूँ,
कौन क्या है पहचानता हूँ,
अभी हुआ नहीं है दिमाग ख़राब
सोच- विचार कर ही हल निकालता हूँ ||
भावनाएं क्या है ?
जान ही नहीं भर सकता हूँ ||
भावनाएं क्या है ?
एहसास ही बन सकता हूँ
बार- बार व्यक्त नहीं कर सकता हूँ ||
दिल में क्या है
दिमाग से जंग कर सकता हूँ ||
मोहताज़ नहीं हूँ जिंदगी का
सांसों से भी जंग कर सकता हूँ ||
भीगी नहीं है पलके अभी तक
गला भी गले तक ही भर सकता हूँ ||
आह भी निकलती नहीं है अब
दिल की दरारों में मिर्ची भर सकता हूँ ||
बहुत देखे हैं चहरे चाहने वाले
आइना भी खुद ही खुदी का बन सकता हूँ ||
बजूद क्या है जनता हूँ,
कौन क्या है पहचानता हूँ,
अभी हुआ नहीं है दिमाग ख़राब
सोच- विचार कर ही हल निकालता हूँ ||
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें