मंगलवार, 12 अगस्त 2014

delhi street dogs

शुरु हुई योजना तो जल्द आएगा हर कुत्ते का दिन
अब राजधानी में राज करेंगे आवारा कुत्ते
लाखों कुत्तों की बदलेगी किस्मत
ऐंकर -  राजधानी दिल्ली में सिर्फ राजनीति नहीं, समाजनीति का सिक्का भी बेहद दिलचस्पी से चर्चा में रहता है। अब एक नई मुहिम की खुसफुसाहट सुनाई दी है। सड़कों पर घूमने वाले आवारा कुत्ते जल्द ही पुलिस की ट्रेनिंग स्कूल में देखने को मिल सकते हैं।
वीओ -  खबर मिली है कि स्थानीय अधिकारी इन कुत्तों को सिक्योरिटी डॉग्स में बदलना चाहते हैं जिनसे इनकी वजह से होने वाले नुकसानों को फायदे में बदलने की पहल की जा सके। नई दिल्ली में रहने वाले कई लोग इन आवारा कुत्तों को बिना किसी कागजी कार्रवाई के अपने घर में रख लेते हैं, उन्हें खाना खिलाते हैं। इस दौर में पहली बार ऐसा हो रहा है कि स्थानीय प्रशासन ने इन कुत्तों को बाकायदा ट्रेनिंग देकर सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करने की योजना तैयार की है। 
अधिकारियों ने बताया कि वह पुलिस में जानवरों के प्रशिक्षकों से चर्चा कर इस प्लान पर एक्शन लेंगे। आवारा कुत्तों को शहर के सुरक्षा बल मे 'आई हेल्प यू' के साथ गार्ड के तौर पर रखा जाएगा।देश के कई शहरों से कुत्तों के काटने की खबरें आती रहती हैं व लोग इस समस्या से इतना घबरा जाते हैं कि अक्सर कुत्तों पर हमला भी कर दिया जाता है।
दिल्ली के  2009 के सिटी सर्वे के मुताबिक दिल्ली में दो लाख साठ हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। रिपोर्ट में ये सामने नहीं आया है कि कितने कुत्तों को सुरक्षा की ट्रेनिंग दी जाएगी पर इस पर विमर्श विशेषज्ञों से बातचीत पर ही होगा।
2001 के कानून के मुताबिक सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों को कोई मार नहीं सकता। भारत के कई शहरों में कुत्तों के टीकाकरण किया जाता है पर फिर भी हर साल भारत में रेबीज से 20,000 लोगों की मौत हो जाती है। अब इस योजना से कितना लाभ होगा व किस दिशा में इस पहल को अंजाम दिया जाएगा यह जवाब अभी वक्त के पास है।


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