केंद्र की मोदी सरकार ने भीम एप शुरू
कर दिया है| आधार पे का सिस्टम शुरू हो गया गया है |डिजिटल इंडिया का सपना जल्द ही
साकार होगा| हमारा देश भी विकसित हो जाएगा| लेकिन इसी बीच एक और बात ख़ास होगी – वो
ये की अब चोरी और अपराध की वारदातों में कमी आएगी | साथ ही पुलिस को भी अब थोड़ी
राहत मिलेगी | लेकिन शायद अब आफत गले पड़ने वाली है | क्यूंकि अब हर पेमेंट एक
ऊँगली से हुआ करेगी –तो ऐसे में चोर या ऐसे अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग
उँगलियाँ ही काटा करेंगे | फिर ऊँगली या अंगूठा ही उनकी तिजोरी की चाबी हुआ करेगी
|
शायद सुर्खियाँ भी यही बने ( पेमेंट देते वक्त एक गिरफ्तार, १०
उँगलियाँ बरामद – कौन सी महिला की- कौन सी पुरुष की , पहचान कर पाना मुश्किल ,
जाँच के बाद होगा खुलासा) ऊँगली मार डाकुओं से अब सबको सावधान रहना होगा | किसी से
हाथ मिलते वक्त भी शायद ध्यान रखना होगा | क्यूंकि पहले गले काटे जाते थे अब उँगलियाँ
काटी जाएंगी और इस बात को कहने में कोई हर्ज़ नहीं होगा की ऊँगलीमार डाकुओं की
वापसी होगी | लेकिन संज्ञा बदल दी जाएगी. शायद उनको कोई और नाम दिया जाए या किसी पर्यायवाची
शब्द का इस्तेमाल हो!
इतना ही नहीं अगर किसी ने दो- चार
उँगलियाँ काट भी ली तो इनकी भी एक अवधि हुआ करेगी| क्यूंकि एक कटी हुई ऊँगली कितने
दिन काम कर पायेगी| जिसके बाद ऊँगली मार डाकुओं को नई ऊँगली की तलाश हुआ करेगी|
इसका सबसे बढ़ा नुक्सान उनको भी होगा
जो बाज़ार से सामान लाने के बाद घर पहुँचने तक उसके दाम में ५ या १० रूपये की वृद्धि
कर दिया करते थे| हंसने वाला किस्सा नहीं है_ बचपन में हर कोई करता है और सबने
किया भी होगा इसमें कोई दोराय नहीं है | जो भी हो सब आने वाले वक्त में ही पता चलेगा
कि आधार पे का जमीनी आधार कितना सफल हो पाता है| उम्मीद सब बेहतरीन होने की है |
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